Fark nahi padta shayari in hindi

मुझे कोई फर्क नही पड़ता स्टेट्स शायरी | fark nahi padta status Shayari

हेलो दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपको मुझे कोई फर्क नही पड़ता स्टेट्स और हिंदी शायरी देने वाले है जिसमे आपको सभी स्टेटस और शायरियां बिलकुल नई मिलने वाले है जिसे आप चाहे तो अपने सोशल मीडिया में भी उसे कर सकते है,

दोस्तों आपकी ज़िन्दगी में कोई ऐसा शख्स तो ज़रूर आया होगा जिसपे आप बहोत भरोसा करते होंगे, और उस इंसान ने आपका भरोसा तोड़ दिया होगा, लेकिन अब जब आप का टाइम बदल गया है तो वो इंसान आप की ज़िन्दगी में वापस आना चाहता है। लेकिन आपको कोई फरक नहीं पड़ता की वो इंसान अब जिए या मरे,

और बहोत से लोग ऐसे भी होंगे जो आप की पीठ के पीछे से आपकी बुराई करते होंगे, तो उन लोगो को उनकी औकात  याद दिलाने के लिए भी हमने इस पोस्ट में कुछ शायरियां लिखी है और औकात शायरी पर हमने एक अलग से पूरी पोस्ट लिखी है जिसमे आपको सिर्फ औकात शायरी हिंदी में मिलेगी आप उसे भी पद सकते है।

इस पोस्ट में आप इन सभी शायरियों को पड़ सकते है :- Mujhe Koi Farq Nahi Padta shayari In Hindi, Mujhe koi faraq nahi padta status, किसी को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता शायरी, मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता स्टेटस और हिंदी शायरी

तो चलिए फिर शुरू करते है आज की शायरी की महफ़िल :

फर्क नही पड़ता स्टेट्स

“ जो एक बार नज़रों से उतर गया,
फिर फरक नहीं पड़ता की वो
कहा गया। ”
Mujhe Koi Farq Nahi Padta shayari In Hindi

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अब फरक नहीं पड़ता किसी के रूठ जाने से,
जी तो हम पहले से ही नहीं रहे,
अब दर भी नहीं लगता साँसे छूट जाने से।

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मोहब्बत के उस मुकाम पे जा पहुंचे है हम,
की ना तेरे आने की ख़ुशी ना तेरे जाने का गम।

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फ़र्क़ को भी अब फ़र्क़ नहीं पड़ता,
हकीकत दूर की बात है,
यह दिल तेरा ज़िक्र अब ख्वाबों में भी नहीं करता।

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एक वक़्त था जब उनके रूठने से भी डरता था,
अब दूरी भी हो जाये तो फ़र्क़ नहीं पड़ता,
एक वक़्त था जब किसी के साथ रहने पर लड़ जाता था,
अब वो किसी और की भी हो जाये तो फ़र्क़ नहीं पड़ता।
Mujhe koi faraq nahi padta status

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फ़र्क़ नहीं पड़ता मुझे तेरी ज़िन्दगी में किसी के होने ना से,
दर लगता है तो बस तेरी ज़िन्दगी में अपनी जगह खोने से,
वरना फ़र्क़ नहीं मुझे तेरा मेरे या उनके साथ होने से।

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क्या कहा लोग नफरत करते है मुझसे,
करो भाई करो, मुझे घंटा फ़र्क़ नहीं पड़ता।

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एक वक़्त था जब किसी को खुश देखने की जद्दो जेहद करता था,
अब तो सारा ज़माना खफा हो जाये मुझसे तब भी फ़र्क़ नहीं पड़ता।

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मुझे कोई फर्क नही पड़ता स्टेट्स

तब तुझे फ़र्क़ नहीं पड़ा,
अब मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता।

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अब तो साली ज़िन्दगी भी ऐसी हो गई है की
कोई लड़की स्माइल भी दे तो घंटा फ़र्क़ नहीं पड़ता।
किसी को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता शायरी

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कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ता उसको,
नाराज़ होकर भी देखा है मेने।

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ख्वाब टूटे है उसके, अब उसे होश कहाँ,
फ़र्क़ नहीं पड़ता उसे, कुछ भी कहे यह जहाँ,
खामोश रहना अब अदा हो गई उसकी,
अब मतलब नहीं उसे कौन यहाँ कौन कहा।

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हमने नाराज़ होकर देखा की
एक दिन उन्हें याद आएगी हमारी,
और उन्होंने एक दिन कह दिया,
जाओ अब ज़रूरत नहीं तुम्हारी।

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अब फ़र्क़ नहीं पड़ता बातों से,
क्योकि फ़र्क़ बहोत है अब ज़ज़्बातो में।

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तन्हाई में भी जीना सीख लिया अब किसी की बातों से,
फ़र्क़ नहीं पड़ेगा, अब यह दिल भी समझदार हो चूका है।
मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता स्टेटस और हिंदी शायरी

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यूँ तो किसी से फ़र्क़ नहीं पड़ता मुझे,
पर है एक शख्स किसका आना खलता है मुझे।

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याद कर वो वक़्त जब तेरी D.P देख कर के मेरी धड़कने तेज़ हो जाया करती थी,
और आज तू किसी मंज़र पर मेरे करीब से भी गुज़र जाये तो मुझे फ़र्क़ न पड़े।

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चीखना रूना और फिर आंसू पांच लेना,
यही कहानी है ज्यादा समझदार लोगो की।

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मुझे कोई फर्क नही पड़ता शायरी

आज कुछ नहीं बचा,
पर खुश हु,
अब फ़र्क़ नहीं पड़ता, क्योकि जब फ़र्क़ नहीं पड़ता,
ज़िन्दगी में फ़र्क़ तभी आता है।

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जो भी मेरी नज़रों से उतर गया,
क्या फ़र्क़ पड़ता है,
ज़िंदा है या मर गया।
fark nahi padta shayari

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जहाँ आपके ना होने से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता,
वहां आपका ना होना बेहतर है।

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में खुश हूँ अब क्योकि,
अब फ़र्क़ नहीं पड़ता,
और जहाँ फ़र्क़ नहीं पड़ता,
वहां फ़र्क़ दीखता ज़रूर है।

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ए नींद अब तुझे पूरा आने का हक़ है,
मोहब्बत रही नहीं किसी से,
अब मुझे घंटा भी नहीं पड़ता फ़र्क़ है।

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Mujhe Koi Farq Nahi Padta shayari In Hindi

घंटो तक तेरे घर के दरवाजे पे आके,
तेरे आने का इंतज़ार किया करता था में,
अब तू खुद आकर मेरे घर की डोरबेल भी बजा जाये,
तो मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता।

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बहोत जलील हुआ हु तेरे इश्क़ में,
अब तो किसी और की भी हो जाये तो
फ़र्क़ नहीं पड़ता।
Farq nahi padta Quotes in hindi

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मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता कौन किसके साथ केसा है,
बस जो मेरे साथ अच्छा है, वो मेरे लिए अच्छा है।

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फ़र्क़ पहले पड़ता था,
अब तो असर भी नहीं होता।

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हम भी कितने ढीट से है कोई कदर नहीं हमारी,
फिर भी थोड़ा वक़्त देने की मांग किया करते है,

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ज़हर घोल कर ज़िन्दगी में मेरे काफी खुश लग रही हो,
मोहतरमा समुन्दर है ज़िन्दगी मेरी, यूँ दो बून्द से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।

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एक वक़्त था जब उनपे जान देते है,
अब उसकी जान भी चली जाये, तो कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।

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यूँ तो फ़र्क़ नहीं है साँस और हवा में,
पर पहले तू साँस थी और अब हवा।

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