Nafrat Bhari Shayari

दुनिया से नफरत की शायरी | Nafrat bhari shayari

आज कल की दुनिया में इंसान सिर्फ अपने मतलब के लिए ही मोहब्बत, प्यार, दिखावा, और प्रेम करता है। इस दुनिया में सिर्फ आप को अगर कोई सच्चे दिल से मोहब्बत करता है तो वो है आपके माँ बाप। जो आपसे बिना किसी मतलब के प्यार करते है।

दोस्तों दुनिया नफरत की जगह नहीं है इसे तो हमारे जैसे लोगो ने नफरत की जगह बना दिया है। आज की हमारी यह पोस्ट भी कुछ इसी टॉपिक पर होने जा रही है। मुझे पता है की हम में से बहुत से लोगो को दुनिया में किसी न किसी से धोखा मिला है। किसी ने प्यार में धोखा खाया है तो किसी ने व्यापर में।


Nafrat Bhari Shayari

Nafrat Bhari Shayari

मोहब्बत चाहे कितनी भी हो जाये किसी से निभाई नहीं जाती,
नफरत एक क़तरा भी हो बड़ी शिद्दद से निभाते हे लोग ।।


ना रास्तो ने साथ दिया
ना मंज़िल ने इंतज़ार किया,
मैं क्या लिखू अपनी ज़िन्दगी पर,
मेरे साथ तो उम्मीदों ने भी मज़ाक किया ।।
– nafrat shayari –


दुनिया तो अच्छी ही है,
बस लोग कई दफा मतलबी निकल जाते है ।।


nafrat shayari

पहले पूरी कहानी थे हम, अब बस एक किरदार हो गये है,
बस एक बार चखा था धोखे का स्वाद, अब इसके तलबगार हो गये है ।।
– nafrat bhari shayari –


किसी के झूठ तो किसी की सच्चाई में किस्सा हूँ,
बहुतो की कहानी का मैं भी एक हिस्सा हूँ ।।


गंगा जैसे बह रहे थे हम,
यह दुनिया तो हाथ धोने लगी ।।
– नफरत की शायरी –


nafrat bhari shayari

हक़ छोड़ने की बात करो जनाब सब जुड़ जायँगे,
हक़ मांगने की बात करो सब छूट जायँगे,
यह दुनिया है जनाब आप कहाँ समझ पायंगे,
जितना बचना चाहेंगे उतना ही डूबता जायँगे ।।


 

गलत को गलत और सही को सही कहने का डैम रखता हूँ,
मैं लहज़ा थोड़ा नरम, पर मिजाज़ थोड़ा गरम रखता हूँ ।।
– दुनिया से नफरत शायरी –


दिलों में बेइंतेहा नफरत लिए बैठा रहा वो शख्स,
और कम्बख्त खबर तब हुई इश्क़ में पुरे बर्बाद हो गए हम ।।


नफरत की शायरी

गलत ज़िन्दगी नहीं गलत लोग है,
नफरत भरी दुनिया नहीं,
नफरत भरे लोग है ।।


नफरत क्या होती है यह नहीं जानते थे हम पर,
तुम्हारी बातो ने हमें नफरत करना सीखा दिया ।।
– नफरत भरी शायरी – 


नहीं हो अब तुम हिस्सा,
मेरी किसी हसरत के,
तुम काबिल हो तो बस नफरत के ।।


दुनिया से नफरत शायरी

दुनिया से नफरत शायरी

पूरी दुनिया नफरतो की आग में जल रही है,
हैरान हूँ फिर भी ना जाने इतनी ठण्ड क्यों पड़ रही है ।।


आबाद बर्बाद तो दुनिया होती आई है,
हमारी तरह अधमरे हो जाओ तो बताना ।।


गफलतों से भरी ज़िन्दगी में हर इंसान परेशान है,
तामीर महल है और बदन दो घडी का मेहमान है,
भरोसे के काबिल कोई ना बदलते सबके ईमान है,
अब नफरतो से बदलते दिल और लोगो को गुमान है ।।
– राहत इंदौरी नफरत शायरी –


राहत इंदौरी नफरत शायरी

बात करने का मन नहीं है तो इसे बेहेस कह कर तो ना टालो,
कल जितने प्यार से नज़रे मिलते थे,
आज उतने नफरत से अपनी नज़रे हमारे ऊपर ना डालो ।।


सुनो कोई वजह तो देते जाओ नफरत की,
यूँ नफरत में छोड़ जाने से तकलीफ बहुत होती है ।।


नफरतो का खुद का कोई वजूद नहीं होता,
मोहब्बतों की गैर मौजूदगी का नतीजा है ।।
– pyar nafrat shayari –


गलती हमारी नहीं जनाब,
दुनिया का यही दस्तूर है,
यहाँ पलकों पर बैठाया जाता है,
नज़रो से गिराने के लिए ।।


दुसरो की ज़िन्दगी में अपनी जगह ढूंढ़ना बंद करो,
खुश रहोगे ।।
– नफरत शायरी इन हिंदी –


मेरे अच्छे वक़्त ने दुनिया को बताया की में केसा हूँ,
मेरे बुरे वक़्त ने मुझे बताया की दुनिया किसी है ।।


समझ किताब पढ़ने से नहीं,
दुनिया देखने से आती है ।।


कौन रोयेगा हमारे खातिर,
मेरे यार हम तो वो है जो खुद पर ही है लेते है ।।


 

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