sawle or kale rang par shayari | लड़कियों की सुंदरता पर शायरी

दोस्तों काले रंग के लोगो को ले कर के समाज में पिछले बहुत सालो से उन्हें निचा दिखाया जाता है, काले रंग को एक अभिशाप की तरह देखा जाता है, फिर चाहे वो लड़का हो या लड़की अगर उनका रंग कला है तो समाज उन्हें accept नहीं करती है । दोस्तों इसी लिए आज में उन सभी काले रंग के लोगो के लिए Sawle rang par shayari लेकर के आया हूँ ।

इन शायरियों की मदद से आप समाज की सोच पर एक तमाचा जरूर से मार सकते है। और जो लोग आप को आपके रंग को लेकर के जज करते है उनके लिए भी यह शायरियां बहुत ही बढ़िया जवाब हो सकती है।

आप बस इन्हे अपने whatsapp status में लगा कर छोड़ दे और फिर देखे की लोग आप की इज़्ज़त करने लग जायगे । दोस्तों सावला रंग कोई बुराई नहीं है यह तो ऊपर वाले की तरफ से दिया गया एक तोहफा है, जो सिर्फ गिने चुने लोगो को ही दिया जाता है, निचे हमने Sawle rang par shayari लिखी है ।

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Sawle rang par shayari


खुली किताब है कोई गहरा राज़ नहीं,
यह सावला रंग है मेकअप का मोहताज़ नहीं ।


हलके में मत ले लेना सावले लोगो को,
मेने दूध से ज़्यादा चाय के दीवाने देखे है ।।


कुछ बोलता नहीं फिर भी सवाल करता है,
उसका सावला रंग बड़ा बवाल करता है।


उसे मोहब्बत में खूबसूरती चाहिए थी,
मैं लड़की ज़रा सावली ठहरी ।


Kale rang par shayari

रंग सारे ही सज जाते है इन पर,
यह सावली लड़कियां बड़ी दिलकश होती है ।।


उसूल पक्के दिमाग ख़राब,
रंग सावला दिल साफ़ ।।


वो दूध से गोरी मैं छाए सा सावला,
वो मुरब्बे की मीठी चाशनी,
मैं उसमें डूबा आवला ।।


सफर छोटा ही सही यादगार होना चाहिए,
रंग सावला ही सही मगर वफादार होना चाहिए ।।


दुनिया गोर रंग के नशे में चूर है,
मेरा इश्क़ सावले रंग से मशहूर है ।।


लड़कियों की सुंदरता पर शायरी

वफ़ा तो सावले रंग में ही है,
वरना गोर तो शुरू से ही गुलाम बनाते ही आये है ।।


अरे मेरा रंग गोरा नहीं है,
हम तो ज़रा से सावले है,
पता नहीं क्यों कुछ लोग
मेरे लिए हो रहे बावले है ।।


जो कशिश है सावंले रंग में
वो गोर रंग में कहाँ ,
दूध के शौकीन मुट्ठी भर
चाय के दीवाने जहाँ तहाँ ।


चाँद तारे गुलशन कहाँ अब अच्छा लगता है,
तेरे सावले रंग के आगे सब फीका लगता है,
तुमने छू दिया है जो करेले को,
हाय करेला भी अब तो मीठा लगता है ।।


रंग सावला और मिजाज कड़क चाय,
हाय यह अंदाज़ मेरा दिल ना ले जाये ।


सूरत और सीरत पर शायरी

गोर रंग से करते है सब इश्क़ यहाँ,
हम सालो की आशिक़ी मुकम्मल कहाँ ।।


मासूम चेहरा और आँखों में प्यार देखा है,
आप गोर रंग की बात करते हो साहब,
हमने सावले रंग को भी केहर ढाते देखा है ।।


हुस्न का क्या काम इश्क़ में,
यार सांवला भी हो तो कातिल लगता है ।


गोर रंग पे मरे है सब,
के यह सावला रंग किसी को नहीं भाता,
सूरत पे मरे है सब,
सीरत को कोई नहीं समझना चाहता ।


जो हर रंग से दूर है,
हमें उस सावले रंग का सुरूर है ।।


काले कपड़ो पर शायरी

शांत नहीं तू मुझे बावला पसंद है,
गोरा नहीं तू मुझे सावला पसंद है ।।


तेरी बिंदी और झुमके का तो मानते है हम
मानते है की केहर है,
पर यह तेरी सावले रंग की सादगी भी अपने आप में ज़हर है ।।


की ज़माने की भीड़ से तुम्हे दिल में समां के रखूँगा,
हाँ शक्ल से सावला ही सही, मेरे दोस्त लेकिन इसी बहाने ही सही तुम्हे बुरी नज़र से तो
बचा के रखूँगा ।।


किसे ख्वाहिश है चाँद की
बस वो सावला रंग मुस्कुराता रहे ।।


गोर रंग पर तो पूरी दुनिया निसार है,
हमें ज़िन्दगी में साथी ऐसा मिले जिसे सावले रंग से प्यार है ।।


एक तुम्हारा सावला रंग,
एक तुम्हारा बात करने का ढंग उफ्फ्फ्फ़।।


मुझे रंगो में कला रंग पसंद है क्युकी,
दूसरे रंगो में मिलकर अपना रंग नहीं बदलता ।।


सांवली सूरत पर शायरी

किसी ने पूछा तुम्हे कला रंग इतना पसंद क्यों है,
हमने कहा क्योकि वो रंग उसपे जचता खूब है ।।


काले रंग के लोगो से परहेज है उसे,
पर माथे पर बिंदी काली ही लगनी है उसे ।।


तेरा यह कला सूट,
और कला रंग कड़ाई का,
एक तो तेरी याद सताए,
दूजा फिक्र पढाई का ।


रंग काला हो तो चलेगा,
मगर दिल साफ होना चाहिए ।।


मशाले जलाई गई है तभी तो उजाला है,
यूँ तो वो गोरी है मुझे से पर,
दिल उसका बहुत काला है ।।


काले रंग की चीजें बहुत पसंद है लोगो को पर,
काले रंग के लोग नहीं ।।


जीवन के रंग पर शायरी

में मानता हूँ की मेरे चेहरे का रंग सावला है,
मगर मुझे काला कहने वालो,
क्या तुम जानते हो के तुम्हारा दिल कितना काला है ।।


यह काला रंग भी अजीब है ना,
आँखों में लगे तो काजल,
माथे पर लगे तो टिका,
और चरित्र पर लगे तो कलंक ।


यह काला रंग सिर्फ रंग ही नहीं है जनाब,
मेरी मेहनत का इंद्रधनुष है ।।


अल्लाह की बनाई हर ज़ात प्यारी है,
इसमें उसका क्या कुसूर की वो काली है,
रंग से उसका किरदार ना तोलो,
अगर सीरत की कमी है तो बोलो,
पढ़ती है पढ़ाती है, ऐसे अपना घर चलाती है,
फिर भी रंग पर दिए तुम्हारे तनो को दिल से नहीं लगाती है,
रंग रूप ही नहीं होता सब कुछ,
कद काठी तो उसकी अच्छी है,
इतना मत दिल दुखाओ उसका वो भी इंसान की बच्ची है ।।


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