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Badtameez logo par shayari | घटिया लोगों पर शायरी

इस दुनिया में हमारा सामना कुछ ऐसे लोगो से भी होता है जो की निहायत ही Badtameez होते है, और घटिया सोच रखते है। ऐसे लोग ना तो खुद कुछ कर पाते है और अगर कोई उनसे आगे भड़ने लगता है तो वो उसे भी कामयाब नहीं होने देते।

दुनिया में ऐसे लोगो का ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए यानी की अगर वो आपको कुछ बोल रहे है तो आप भी चुप मत रहिये बल्कि उनका मुँह तोड़ जवाब दीजिये, अगर वो जवाब आप शायरी के अंदाज़ में देंगे तब तो उनका दिमाग बिलकुल ही ख़राब हो जायगा और वो आपसे आगे से कुछ गलत नहीं बोलेंगे ।

दोस्त निचे मेने ऐसे ही कुछ badtameez logo par shayari लिखी है जिसे आप चाहे तो अपने whatsapp के status में भी लगा कर उन लोगो को जवाब दे सकते है। अगर आपको हमारी लिखी शायरियां पसंद आती है तो हमें निचे कमेंट में जरूर बताये।

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Badtameez Logo Par Shayari


तुम्हे मालूम नहीं तुम अपनी औकात दिखा रही हो,
खुद बद्तमीज़ होकर मुझे तमीज सीखा रही हो,
रिश्ते बचाने के लिए तोड़ी हो जिसने उसूलो की कैद,
आज रिश्तो की कदर करना तुम उसे सीखा रही हो।


बेशक शब्द कड़वे है लेकिन में बद्तमीज़ नहीं हूँ ,
जो चुप रहकर बुरा बनने की हिम्मत रखे में तमीज वही हूँ ।।


बद्तमीज़ बदअख़लाक़ बदलिहाज़ हूँ मैं,
तुम्हारी तो उठ बैठ है जैसे फरिश्तों में ।।


कभी इश्क़ में रोया था, आज बेखुदी में खो गया,
कभी संजीदा था यह दिल, आज बद्तमीज हो गया ।।


मोहब्बत के किस मरहले में हूँ यह बताओ ज़रा,
उसकी बद्तमीज़िया भी काबिल ऐ तारीफ लगती है ।।


मैं तमीज दार हूँ तब तक,
किसी बद्तमीज़ से वास्ता ना पड़े जब तक ।।


Ghatiya log quotes in hindi

इन लफ़्ज़ों को एहसास ना समझो, यह इतिहास एक शायर का है,
किसी की बेवफाई को इसकी वजह ना समझो, यह सितम इन हवाओ का है,
चुप रह कर समझ लो इशारे से सब कुछ,
बोलुंग तो बोलेंगे यह इंसान बड़ा गुस्ताख़ सा है ।।


सुनो बद्तमीज़ो,
जाहिलियत से तुम मुझे गिराना चाहते हो,
बस इतना जान लो,
कोई औकात नहीं तुम्हारी फ़क़त मेरे रब के आगे।


अब तुम मेरी बदतमीज़ी की हद देखोगी,
अब में तुम्हारे घर की तरफ पैर करके सोऊंगा।


मैं चाहता हूँ तुमसे हो बातचीत मेरी,
डरता हूँ कहीं तुम बद्तमीज़ ना समझ लो ।।


मुझे तहज़ीब सिखाई गई है,
किसी से बदतमीज़ी कर नहीं सकती,
मैंने कलम उठा लिया क्युकी,
जुबां मेरी चल नहीं सकती।


अपना सा लगता है अपनों के बिच,
जब प्यार से बुलाते है इधर आ बद्तमीज़।


Badtameez Logo Par Shayari

प्यार का व्यापर भी कोई आसान चीज़ नहीं,
बेशर्मी और बदतमीज़ी दोनों पालने पढ़ते है।


तुम्हारे कई सवालो का एक ही जवाब है,
मैं बद्तमीज़ हूँ मेरी आदते ख़राब है।


हां अकेला रहता हूँ, मगर बहुतो का अज़ीज़ हो गया हूँ,
हा थोड़ा बेअक़्ल और थोड़ा बद्तमीज़ हो गया हूँ ।।


अच्छा था जब तक सेहता था,
बद्तमीज़ हो गया हूँ, जब से बोलने लग गया हूँ।


दोस्त मेरे थोड़े अलग है थोड़े अजीब है,
दीखते शरीफ है लेकिन बड़े बद्तमीज़ है।


कर लो अच्छे कितनी भी
वो याद करी ना जायगी,
इंसानी फितरत जहरीली,
मोके पर निचा तुम्हे दिखेगी।


ghatiya soch shayari

माँ बाप ने तो तमीज और संस्कार सिखाये थे बेटी को,
बदतमीजी तो समाज की बदतमीजी का जवाब देने के लिए सीखनी पड़ी है।


चाँद समझते है लोग मुझे,
दिन में तारे जो दिखा देता हूँ।


कहने लगे वो मुझसे की तुम बड़े बद्तमीज़ हो,
मेने कहा सुनिए ” निहायत ” भी बोलें।


थी इज़्ज़त तुम्हारी बे पनाह,
अब क्या करे गलत हम थे खैर कोई ना ।।


शरीफो की शराफत देख,
हमें अपनी बदतमीज़ी पर नाज़ होने लगा,
वो जुबां पर मिठास ला कर ज़हर दिल में भरते है,
कुछ कड़वे पर सच्चे बोल बोलकर हमारा दिल भी साफ़ होने लगा।


कुछ इस क़दर मेने लोगो की फितरत बदलते देखा है,
आप से तुम और तुम से तू तक पहुँचते देखा है।


मेरी नाकामयाबी का शोर बहुत है शहर में,
लगता है जलने वालो की भीड़ बहोत है शहर में।


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इश्क़ में कुछ इस तरह मुझे आज़मा रहे है लोग,
मैं बैठी हूँ उसे भूलने के ख्याल में, और उसकी तस्वीर मुझे
दिखा रहे है लोग।


यह ज़िन्दगी है यहाँ लोग आते रहेंगे और जाते रहेंगे,
बस तुम खुद की ख़ुशी का ख्याल रखना।


मेरी ज़िन्दगी का एक पन्ना पड़ कर पूरी किताब लिख देते है,
यह चार लोग।


कारीगर हूँ साहब, अल्फ़ाज़ों की मिटटी से महफिलों को सजाता हूँ,
कुछ को बेकार और कुछ को कलाकार नज़र आता हूँ ।।


दिल तो बेचारा ही होता है,
हरामी तो लोग होते है।


यहाँ खुद से मिले ज़माना हो गया,
और लोग कहते है की हमें भूल गए हो तुम।


Ghatiya log ghatiya soch quotes in hindi

मेने बहुत जगह यह सोच कर सबर किया है
लोग है दुनिया है चलता है सब।


हमें जानने वाले तो लोग बहुत है,
पर समझने वाले बहुत कम ।


सारा ज्ञान किताबो से नहीं मिलता,
कुछ ज्ञान मतलबी लोगो से भी मिलता है ।।


कहने को तो बहुत लोग है,
परखो तो कोई अपना नहीं,
और समझो तो कोई पराया नहीं ।


लोग कहते है की जब बताओगे नहीं तो कैसे चलेगा,
अब उन्हें कौन समझाए की, कुछ दर्द ऐसे होते है ज़िन्दगी में,
जो सेहेन तो किये जा सकते है लेकिन किसी को बताये नहीं जा सकते ।।


शौक नहीं है हमें किसी से गुस्से से बात करने का,
पर कुछ लोगो की हरकते हमें रास नहीं आती।


घटिया लोगों पर शायरी

लोग तुम्हे जितना दबायेंगे तुम उतनी ही ताकत से उठोगे,
यक़ीन ना हो तो स्प्रिंग से पूछ लो ।


सबसे बड़ा रोग, क्या कहेंगे लोग,
लोगो की सुनोगे, तो सुनते रह जाओगे,
अपनी सुनोगे तो कुछ बनकर दिखाओगे ।।


लोग ऐसा क्यों करते है की हमें समझते कम है,
और समझते ज़्यादा है।


इलज़ाम अगर सेह लूँ ख़ामोशी से
तो लोग गुनहगार समझ लेते है, और
अगर कुछ बोल तो बद्तमीज़ ।।


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